प्रियवर ,
नववर्ष शुभ वर्ष हो ,सभी सज्जनों की जय हो , दुर्जनों को सदबुद्धी हो .प्रिय मित्रो प्रति सुबह प्रशन्नता दायिनी आशा का आशीष उपलब्ध कराती है,किन्तु हमारा ही बर्तन कुछ दोषयुक्त होता है ,इसलिए दूध फट जाता है और हम दोष देते है दूध वाले को .अतएव आज से ही हम प्रण लेते है कि प्रशन्नता की आशा ही हम दूसरों से न करें अपितु हम ही दूसरों को आशान्वित करने का प्रयाश करेंगे . और नित ये कहेंगे कि 'तुम्हारी भी जय हो हमारी भी जय हो ना तुम हारे ना हम हारे .'पढ़े और खुश रहे लाइक
दें या न दें धन्यवाद अवश्य लें .
आपका
मनोज सिंह जादौन
नववर्ष शुभ वर्ष हो ,सभी सज्जनों की जय हो , दुर्जनों को सदबुद्धी हो .प्रिय मित्रो प्रति सुबह प्रशन्नता दायिनी आशा का आशीष उपलब्ध कराती है,किन्तु हमारा ही बर्तन कुछ दोषयुक्त होता है ,इसलिए दूध फट जाता है और हम दोष देते है दूध वाले को .अतएव आज से ही हम प्रण लेते है कि प्रशन्नता की आशा ही हम दूसरों से न करें अपितु हम ही दूसरों को आशान्वित करने का प्रयाश करेंगे . और नित ये कहेंगे कि 'तुम्हारी भी जय हो हमारी भी जय हो ना तुम हारे ना हम हारे .'पढ़े और खुश रहे लाइक
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